आंखें भी खोलनी पड़ती है सूरज के निकलने से कभी अंधेरा दूर नहीं होता।

आंखें भी खोलनी पड़ती है सूरज के निकलने से कभी अंधेरा दूर नहीं होता।
Read More  जज्बा रखो सच और झूठ को परखने का कानों में जहर घोलना तो जमाने का काम है।
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