मनुष्य वही श्रेष्ठ माना जाएगा जो कठिनाई में भी अपनी राह निकालता है।

मनुष्य वही श्रेष्ठ माना जाएगा जो कठिनाई में भी अपनी राह निकालता है।

अर्थघटन : मनुष्य वही श्रेष्ठ माना जाएगा जो कठिनाई में भी अपनी राह निकालता है।

मुसीबत सभी के जीवन में आती रहती है, लेकिन श्रेष्ठ इंसान वही है जो मुसीबत से लड़के अपनी राह निकलता है ।

इंसान को कभी भी मुसीबत से डरना नहीं चाहिए, बल्कि उसका डट कर सामना करना चाहिए, तभी तो वह मुसीबत दूर हो पाएगी और इंसान को श्रेष्ठ इंसान बन पाएगी।

सभी के जीवन में अलग-अलग प्रकार की कठिनाई आती रहती है । किसी के जीवन में मानसिक समस्या होती है, किसी के जीवन में आर्थिक समस्याएं होती है, तो किसी के जीवन में शारीरिक समस्या होती है ।

लेकिन इंसान को वह समस्या को बढ़ा ना समझ कर उसके सामने डट कर खड़ा रहना चाहिए और उसके साथ संघर्ष करना चाहिए तभी तो वह कठिनाइयों से लड़कर वह मुसीबत से बाहर आ पाएगा।

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