संघर्ष प्रकृति का आमंत्रण है जो स्वीकार करता है वही आगे बढ़ पाता है।

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Read More  जंग तो खुद के कंधों पर जाती है दूसरों के कंधों पर तो जनाजे ही निकलते हैं।
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