Hindi Shayari

रिश्तों की दर्द भरी शायरी

रिश्तों की दर्द भरी शायरी

रिश्तों की दुनिया बड़ी अजीब होती है,
जो सबसे करीब होता है, वही सबसे दूर होता है। 💔😢

कभी सोचते थे कि रिश्ते हमेशा साथ निभाएंगे,
पर वक़्त के साथ चेहरे और फितरत बदल जाते हैं। 😞💔

अपने ही जब बेगाने बन जाएं,
तो दर्द का हिसाब कौन रखे? 😢💔

हम जिन्हें अपना समझते थे,
उन्होंने ही हमें पराया कर दिया। 😞💔

रिश्तों में उम्मीद जितनी ज्यादा होती है,
दर्द भी उतना ही गहरा मिलता है। 💔😢

दिल को तकलीफ तो तब होती है,
जब अपने ही हमें गैर समझने लगते हैं। 😞💔

झूठे रिश्ते निभाने से बेहतर है,
अकेले रहना सीख लिया जाए। 💔😢

कुछ रिश्ते कांच की तरह होते हैं,
टूट जाएं तो चुभते बहुत हैं। 😞💔

वक्त ने हमें ये सिखा दिया,
कि अपने ही सबसे ज्यादा दर्द देते हैं। 💔😢

जो रिश्ते दिल से निभाए जाते हैं,
वही सबसे ज्यादा तकलीफ देते हैं। 😞💔

हर बार हम ही झुकते रहे,
शायद हमारा प्यार ही कम था। 💔😢

जब अपने बदल जाते हैं,
तो दर्द की इंतहा हो जाती है। 😞💔

हर रिश्ता भरोसे की नींव पर टिकता है,
अगर वो टूट जाए तो सब बिखर जाता है। 💔😢

हमने हर किसी को अपना माना,
पर किसी ने हमें समझा ही नहीं। 😞💔

दर्द तब बढ़ जाता है,
जब अपना ही साथ छोड़ जाता है। 💔😢

रिश्ते दिल से निभाने पड़ते हैं,
वरना जुबान से निभाए तो सौ भी कम हैं। 😞💔

कभी-कभी सबसे करीब के लोग,
सबसे ज्यादा दर्द दे जाते हैं। 💔😢

अपने ही जब ठुकरा दें,
तो परायों से क्या उम्मीद रखें। 😞💔

हमने जिनके लिए अपना सबकुछ लुटा दिया,
आज वही हमें पहचानते तक नहीं। 💔😢

जो साथ निभाने का वादा किया करते थे,
आज वो ही सबसे पहले छोड़ गए। 😞💔

खून के रिश्ते भी अब मतलब के हो गए,
दिल रोता है यह सोचकर। 💔😢

रिश्तों की मजबूरी को समझते-समझते,
हमने खुद को ही खो दिया। 😞💔

जब अपने बदल जाते हैं,
तो परायों से क्या शिकायत करें। 💔😢

मोहब्बत के रिश्ते भी अजीब होते हैं,
जो सबसे करीब होता है, वही सबसे दूर होता है। 😞💔

अपनों से चोट खाकर भी मुस्कुराते हैं,
क्योंकि दर्द छुपाने की आदत हो गई है। 💔😢

हमने हर किसी को दिल से चाहा,
मगर हमें दिल से चाहने वाला कोई न मिला। 😞💔

लोग मतलब के लिए रिश्ते बनाते हैं,
और जरूरत खत्म होते ही तोड़ देते हैं। 💔😢

कभी अपनों के बिना जी नहीं सकते थे,
आज उन्हीं के बिना जीना सीख लिया। 😞💔

रिश्ता टूट जाए तो आवाज नहीं आती,
मगर दर्द बहुत होता है। 💔😢

हम रिश्ता निभाने में लगे रहे,
और वो हमें छोड़ने में। 😞💔

कुछ रिश्ते दिल के बहुत करीब होते हैं,
पर वक्त उन्हें दूर कर देता है। 💔😢

बेवजह बदलने लगे हैं अपने,
अब कोई अपना नहीं लगता। 😞💔

हमने हर रिश्ता दिल से निभाया,
पर हमें बदले में सिर्फ दर्द ही मिला। 💔😢

अपने ही जब गैरों की तरह पेश आते हैं,
तो दुनिया सच में मतलबी लगने लगती है। 😞💔

हर कोई मतलब के लिए साथ देता है,
जब जरूरत खत्म, तो रिश्ता भी खत्म। 💔😢

रिश्तों को दिल से निभाना सिखाया था,
पर किसी ने हमें दिल से अपनाया ही नहीं। 😞💔

किसी के साथ रिश्ता जोड़ने में वक्त लगता है,
पर उसे तोड़ने में एक पल भी नहीं। 💔😢

इंसान जब अंदर से टूट जाता है,
तो फिर उसे किसी अपने की जरूरत नहीं होती। 😞💔

दिलों के रिश्ते जब टूटते हैं,
तो आवाज नहीं होती, पर दर्द बहुत होता है। 💔😢

किसी ने मुझसे पूछा, “सबसे गहरी चोट कौन सी होती है?”
मैंने कहा, “जब अपने ही दिल तोड़ते हैं।” 😞💔

Mike Bond

Mike Bond writes about Education, everyday life, and practical topics that spark curiosity. His articles explore new ideas, explain unfamiliar concepts, and help readers make sense of the choices they face. With a clear, conversational approach, he aims to make each topic approachable and leave readers with something useful to take away.