हर कोई मतलब के लिए साथ देता है,
जब जरूरत खत्म, तो रिश्ता भी खत्म। 💔😢
इंसान जब अंदर से टूट जाता है,
तो फिर उसे किसी अपने की जरूरत नहीं होती। 😞💔
हम रिश्ता निभाने में लगे रहे,
और वो हमें छोड़ने में। 😞💔
अपनों से चोट खाकर भी मुस्कुराते हैं,
क्योंकि दर्द छुपाने की आदत हो गई है। 💔😢
हमने हर रिश्ता दिल से निभाया,
पर हमें बदले में सिर्फ दर्द ही मिला। 💔😢
रिश्तों को दिल से निभाना सिखाया था,
पर किसी ने हमें दिल से अपनाया ही नहीं। 😞💔
दिलों के रिश्ते जब टूटते हैं,
तो आवाज नहीं होती, पर दर्द बहुत होता है। 💔😢
रिश्तों की मजबूरी को समझते-समझते,
हमने खुद को ही खो दिया। 😞💔
रिश्तों की दुनिया बड़ी अजीब होती है,
जो सबसे करीब होता है, वही सबसे दूर होता है। 💔😢
रिश्ते दिल से निभाने पड़ते हैं,
वरना जुबान से निभाए तो सौ भी कम हैं। 😞💔
कुछ रिश्ते कांच की तरह होते हैं,
टूट जाएं तो चुभते बहुत हैं। 😞💔
हमने हर किसी को दिल से चाहा,
मगर हमें दिल से चाहने वाला कोई न मिला। 😞💔
रिश्ता टूट जाए तो आवाज नहीं आती,
मगर दर्द बहुत होता है। 💔😢
कभी सोचते थे कि रिश्ते हमेशा साथ निभाएंगे,
पर वक़्त के साथ चेहरे और फितरत बदल जाते हैं। 😞💔
किसी के साथ रिश्ता जोड़ने में वक्त लगता है,
पर उसे तोड़ने में एक पल भी नहीं। 💔😢
झूठे रिश्ते निभाने से बेहतर है,
अकेले रहना सीख लिया जाए। 💔😢
कुछ रिश्ते दिल के बहुत करीब होते हैं,
पर वक्त उन्हें दूर कर देता है। 💔😢
दिल को तकलीफ तो तब होती है,
जब अपने ही हमें गैर समझने लगते हैं। 😞💔
जब अपने बदल जाते हैं,
तो दर्द की इंतहा हो जाती है। 😞💔
जब अपने बदल जाते हैं,
तो परायों से क्या शिकायत करें। 💔😢
हम जिन्हें अपना समझते थे,
उन्होंने ही हमें पराया कर दिया। 😞💔
वक्त ने हमें ये सिखा दिया,
कि अपने ही सबसे ज्यादा दर्द देते हैं। 💔😢
जो साथ निभाने का वादा किया करते थे,
आज वो ही सबसे पहले छोड़ गए। 😞💔
दर्द तब बढ़ जाता है,
जब अपना ही साथ छोड़ जाता है। 💔😢
रिश्तों में उम्मीद जितनी ज्यादा होती है,
दर्द भी उतना ही गहरा मिलता है। 💔😢
कभी अपनों के बिना जी नहीं सकते थे,
आज उन्हीं के बिना जीना सीख लिया। 😞💔
हर बार हम ही झुकते रहे,
शायद हमारा प्यार ही कम था। 💔😢
हमने हर किसी को अपना माना,
पर किसी ने हमें समझा ही नहीं। 😞💔
लोग मतलब के लिए रिश्ते बनाते हैं,
और जरूरत खत्म होते ही तोड़ देते हैं। 💔😢
बेवजह बदलने लगे हैं अपने,
अब कोई अपना नहीं लगता। 😞💔
खून के रिश्ते भी अब मतलब के हो गए,
दिल रोता है यह सोचकर। 💔😢
अपने ही जब गैरों की तरह पेश आते हैं,
तो दुनिया सच में मतलबी लगने लगती है। 😞💔
हमने जिनके लिए अपना सबकुछ लुटा दिया,
आज वही हमें पहचानते तक नहीं। 💔😢
अपने ही जब बेगाने बन जाएं,
तो दर्द का हिसाब कौन रखे? 😢💔
हर रिश्ता भरोसे की नींव पर टिकता है,
अगर वो टूट जाए तो सब बिखर जाता है। 💔😢
अपने ही जब ठुकरा दें,
तो परायों से क्या उम्मीद रखें। 😞💔
जो रिश्ते दिल से निभाए जाते हैं,
वही सबसे ज्यादा तकलीफ देते हैं। 😞💔
कभी-कभी सबसे करीब के लोग,
सबसे ज्यादा दर्द दे जाते हैं। 💔😢
किसी ने मुझसे पूछा, “सबसे गहरी चोट कौन सी होती है?”
मैंने कहा, “जब अपने ही दिल तोड़ते हैं।” 😞💔
मोहब्बत के रिश्ते भी अजीब होते हैं,
जो सबसे करीब होता है, वही सबसे दूर होता है। 😞💔