तन्हा रातें दिल को और तोड़ देती हैं,
तेरे बिना जीना हर पल सजा लगती है। 🌙💔
रात आई है फिर से अकेला करने,
तेरे बिना ये तन्हाई मार डालती है। 🌌😞
आसमां के सितारे भी अब उदास लगते हैं,
तेरी यादों में दिल हर रात रोता रहता है। 💔🌙
तेरी हँसी याद आती है हर रात,
आँखें नम कर जाती है हर बात। 😢✨
जब भी रात आती है, दर्द और बढ़ जाता है,
तेरी यादों का तूफान फिर से उठ खड़ा होता है। 😢💫
तेरी यादें भी इस रात की तरह हैं,
जो हर रोज़ आती हैं और अंधेरा कर जाती हैं। 💔🌙
हर तारा कुछ कहता है,
शायद वो भी तेरी यादों में बहता है। ⭐💧
नींद मेरी आँखों से दूर है,
तेरी यादें हर रात मुझसे बातें करती हैं। 😢🌙
नींद की दहलीज पर तेरा नाम लिख दिया है,
हर रात तुझे याद करके जागते रहते हैं। 💔🌙
रात के सन्नाटे में जब हर कोई खामोश हो जाता है,
तब तेरी यादें और भी शोर मचाने लगती हैं। 💔🌙
अब तो मेरी आँखों में आंसू भी नहीं आते,
रातों की तन्हाई ने सब कुछ छीन लिया है। 💔🌙
चाँद भी गवाह है,
मेरे अधूरे इश्क का। 😢🌙
रात का अंधेरा और तेरी यादें,
दोनों मिलकर मेरी नींद उड़ा ले जाते हैं। 💔🌙
चाँद भी मेरी तन्हाई को समझता है,
इसलिए वो भी मुझसे नजरें चुरा लेता है। 💔🌙
मैं और मेरी तन्हाई,
हर रात तेरी यादों से बातें करते हैं। 💔🌙
चाँद की चांदनी में तेरी सूरत दिखाई देती है,
तेरी यादों में मेरा दिल खो जाता है। 💔🌙
खामोश रात में,
तेरी आवाज़ गूंजती है। 😞🌙
तेरी एक झलक की प्यास में,
रातें भी जाग-जाग कर थक गई हैं। 💔🕯️
अंधेरी रात में जब सब सो जाते हैं,
हम तेरी यादों में खो जाते हैं। 🌌😭
तन्हाई में तेरी यादें और भी गहरी हो जाती हैं,
दिल की धड़कनें तेरे बिना थम जाती हैं। 💔🌙
अब तो दिल भी पूछता है हर रात,
क्या वाकई वो कभी लौटेगा? 💭🌙
तन्हाई में तेरी बातों को याद करके मुस्कुराता हूँ,
मगर आँखों से आँसू खुद-ब-खुद बह जाते हैं। 😢🌙
रात की दर्द भरी शायरी
नींद आँखों में भरी रहती है,
फिर भी तेरी यादें सोने नहीं देती। 💤💔
रातें अक्सर सवाल पूछती हैं,
क्या तुझे मेरी याद आती है? ❓💭
रातों की तन्हाई में अक्सर बातें होती हैं,
तेरे साथ बिताए हर लम्हे की यादें रोती हैं। 💔🌌
रात का सन्नाटा और तेरी खामोशी,
दोनों मिलकर मेरी तन्हाई को गहरा बना देते हैं। 😢🌙
रात के सन्नाटे में जब तारे भी सो जाते हैं,
तेरी यादें जागकर मुझे रुला जाती हैं। 💔🌙
चाँद की रोशनी में तेरी तस्वीर नजर आती है,
तेरी यादें मेरे दिल को तड़पाती हैं। 😢🌙
चाँद भी तेरी यादों में खो जाता है,
जैसे वो भी मेरी तरह तन्हाई में जीता है। 😞🌙
तेरे बिना हर चीज अधूरी लगती है,
ये रातें भी अब बेवजह लगती हैं। 🌃💔
तन्हा रातों में तेरी मुस्कान को याद करता हूँ,
मगर आँखों में आँसू खुद-ब-खुद बह जाते हैं। 💔🌙
चाँद की रोशनी में,
दर्द और गहरा हो जाता है। 😢🌙
रात का अंधेरा और तेरी यादें,
दोनों मिलकर मेरे दिल को रुलाते हैं। 😞🌙
जब तू साथ था तो रातें छोटी लगती थीं,
अब हर रात उम्र भर की लगती है। 🕰️💔
तेरी तस्वीर सीने से लगाकर सोते हैं,
हर रात आँखों में आँसू लेकर रोते हैं। 🖼️😭
रात की खामोशी में तेरी बातों की गूंज सुनाई देती है,
तेरी कमी में मेरा दिल तड़प उठता है। 😞🌙
चाँद भी मेरी तन्हाई को समझता है,
इसलिए वो भी मुझसे दूर भाग जाता है। 😢🌙
तन्हाई में जब तेरी तस्वीर देखता हूँ,
दिल की धड़कनें और भी तेज़ हो जाती हैं। 😢🌙
चाँद से पूछता हूँ, क्या उसे भी किसी की कमी महसूस होती है,
वो मुस्कुराकर कहता है, ‘हां, किसी को देखते-देखते वो भी तन्हा हो गया है।’ 💔🌙
मेरी तन्हा रातों की गवाही चाँद भी देने लगा है,
अब तो मेरी उदासी सितारों में भी नजर आने लगी है। 😢💫
चाँद भी तेरी यादों में डूब जाता है,
जैसे वो भी तेरी कमी महसूस करता हो। 😞🌙
हर रात का एक ही अफसाना है,
तेरी यादों में डूबकर बस जागते रहना है। 😢💫
वो रातें भी क्या खूब होती थीं,
जब तेरे साथ होती थीं। 🌌💑
रातें लंबी हो जाती हैं जब तू साथ नहीं होता,
ख्वाबों में आकर भी तू कुछ नहीं कहता। 💭😞
तन्हा रातों में तेरी हंसी को याद करता हूँ,
तेरी मुस्कान में मेरी खुशी छुपी थी। 😞🌙
चाँद भी मेरी तन्हाई को समझता है,
हर रात मेरे साथ रोता है। 💔🌙
तन्हा रातों में तेरी बातों की गूंज सुनाई देती है,
तेरी कमी में मेरा दिल तड़प उठता है। 😢🌙
रात की खामोशी में,
तेरी यादें चीख उठती हैं। 💔🌙
चाँद की रोशनी में तेरा चेहरा नजर आता है,
तेरी यादें मेरी नींद चुरा ले जाती हैं। 😞🌙
तन्हा रातों में तेरी बातों की गूंज सुनाई देती है,
तेरी कमी में मेरा दिल तड़प उठता है। 💔🌙
चाँद की चांदनी में,
तेरी यादों का साया होता है। 😢🌙
एक वो रात थी जब तू साथ था,
अब हर रात बस तेरी याद का साथ है। 🌙💭
तेरी यादों में डूबकर ये रातें भी लंबी हो जाती हैं,
सुबह का इंतजार करना मुश्किल हो जाता है। 💔🌙
तन्हाई में जब आंखें बंद करता हूँ,
तेरी तस्वीर आंखों के सामने आ जाती है। 😢🌙
ये सन्नाटा बहुत कुछ कहता है,
पर सुनने वाला अब कोई नहीं। 🌙🔇
रातें आती हैं मगर नींद नहीं आती,
तेरी यादें हर ख्वाब में दस्तक देती हैं। 😞💫
हर रात चुपके से तेरा नाम लेता हूँ,
तू ना सही पर तेरी यादों से बात कर लेता हूँ। 🕯️💔
तन्हा रातों में दिल और भी उदास होता है,
तेरी यादों से अब कोई राहत नहीं मिलती। 😢💫
चुपचाप सी रातों में गूंजता है दर्द,
तेरे बिना अब कोई ख्वाब नहीं बचा। 💔🌌
रात की खामोशी में तेरी यादें चीख उठती हैं,
मेरा दिल तड़पकर रोने लगता है। 💔🌙
आँसू रात के हमराज़ बन गए हैं,
तेरे बिन हर लम्हा सजा बन गया है। 😞🌙
रातों की तन्हाई में दर्द बढ़ जाता है,
तेरी यादों का कारवां दिल से गुज़र जाता है। 😞💫
दिल हर रात तुझसे मिलने की फरियाद करता है,
पर तू कहीं दूर किसी और के साथ है। 💔😞
रातें अब पहले जैसी नहीं रहीं,
तेरी कमी हर लम्हा महसूस होती है। 💔🌙
नींद अब मेरी आँखों से दूर रहती है,
तेरी यादों ने इसे अपना घर बना लिया है। 😞💫
नींद तो आंखों में बहुत है, मगर सोने को जी नहीं चाहता,
तेरी यादें इतनी पास हैं कि उनसे दूर जाना मुमकिन नहीं। 😢🌙
रातों में जागकर,
बस तुझे ही याद करते हैं। 💔🌙
तेरी यादें अब मेरी रातों का हिस्सा बन गई हैं,
नींद तो दूर अब तो ख्वाब भी अधूरे रह गए हैं। 😢💫
अब तो खामोश रातें भी सवाल करती हैं,
“क्यों तू आज भी उसे ही याद करता है?” 😢🌃
हर तारा आज भी गवाही देता है,
रातों को मैंने तुझसे कितनी मोहब्बत की है। ⭐💔
नींद से कह दो अब मत आना,
तेरे ख्वाबों ने बहुत रुलाया है। 💭💔
हर रात तन्हाई का जाम पीते हैं,
तेरे बिना जीना अब आदत सी हो गई है। 🍷💔
ना कोई शिकायत है, ना कोई सवाल,
रातों की तन्हाई बस तुझे ढूंढती है। 💭🌌
चाँदनी से कह दो अब ना चमके,
मेरी रातें अब अंधेरे में ही ठीक हैं। 🌕💧
रात की खामोशी में तेरी तस्वीर से बातें करता हूँ,
तेरी यादों में हर रोज़ मरता हूँ। 😢🌙
चाँद की चांदनी में तेरा नाम लिखा नजर आता है,
तेरी यादें मेरी रूह को सुकून देती हैं। 💔🌙
काश ये रातें बातें कर पातीं,
तो मेरी तन्हाई भी चुप ना रहती। 😞💔
जबसे तू दूर हुआ है,
रातों ने मुझे अपना बना लिया है। 🌌😢
सितारों से कह दो अब न चमकें,
मेरे अंधेरे दिल को वो चुभते हैं। 🌟💔
रातें जब आती हैं,
तेरी तस्वीर आँखों में उतर आती है। 📸🌃
चाँद भी मुझसे तेरे किस्से पूछता है,
जैसे उसे भी मोहब्बत की तड़प समझ में आती हो। 😞🌙
तन्हा रातों में दिल की सिसकियाँ सुनाई देती हैं,
तेरे बिना अब कुछ अच्छा नहीं लगता। 💔🌙
रात की खामोशी में तेरा नाम लबों पर आता है,
तेरी यादें मेरी रूह को बेचैन कर जाती हैं। 😞🌙
चाँद भी अब बुझा-बुझा सा लगता है,
रातों में तेरी कमी और गहरी हो जाती है। 💔🌙
चाँद भी छुप जाता है उदास रातों में,
जब दर्द से भरी हो मेरी बातें। 😢🌑
किसी के ख्यालों में रात कट जाती है,
तेरे बिना हर सवेरा सुना लगता है। 🌃😞
चाँद को देखकर तेरा अक्स नजर आता है,
रातें अब बस आंसुओं की मेहमान हो गई हैं। 💔🌙
चाँद की चांदनी में तेरी मुस्कान दिखाई देती है,
तेरी यादें मेरे दिल को तड़पाती हैं। 😞🌙
नींद नहीं आती,
तेरी यादें सताती हैं। 😞🌙
चाँदनी रातों में भी अंधेरा सा लगता है,
तेरी यादों का साया अब हर जगह रहता है। 💔🌙
इस तन्हा रात में खुद को ही समझाते हैं,
तेरे बिना भी जीना है, बस निभाते हैं। 🌒💬
रात की तन्हाई,
तेरी यादों में खो जाती है। 💔🌙
रात का अंधेरा,
तेरे बिना और भी गहरा लगता है। 💔🌙
रातों की तन्हाई अब डर नहीं देती,
बस तेरी यादें और दर्द साथ देती हैं। 🌌💔
ये रातें भी गवाह हैं,
तेरे लिए कितना रोया हूँ। 💔🌒
चाँदनी रात में तेरा अक्स नजर आता है,
तेरी यादों का साया मुझसे लिपट जाता है। 😢🌙
चुप-चुप रातों में बस आहें निकलती हैं,
तेरे बिना ये रूह तन्हा सी लगती है। 🌙😢
तन्हाई में तेरे बिना ये रातें बहुत लंबी लगती हैं,
सुबह का इंतजार मुश्किल हो जाता है। 💔🌙
चाँद की रोशनी में तेरा चेहरा नजर आता है,
तेरी यादों में मेरा दिल हर रात जलता है। 😞🌙
हर रात दिल को समझाता हूँ,
पर तेरे बिना ये भी चुप नहीं रहता। 💭💔
रात का सन्नाटा,
दिल को और अकेला कर जाता है। 💔🌙
तन्हा रातों में,
तेरी कमी और भी महसूस होती है। 😞🌙
चाँद भी मुझसे,
तेरी बातें करने लगा है। 😢🌙
वो तन्हा रातें भी अब प्यारी लगती हैं,
जब दिल सिर्फ तुझे याद करता है। 💭🌃
रात की खामोशी में तेरा नाम लबों पर आता है,
तेरी यादें मेरी रूह को बेचैन कर जाती हैं। 💔🌙
तन्हाई में तेरी आवाज़ सुनने को दिल तड़पता है,
मगर खामोशी ही मेरे हिस्से में आती है। 💔🌙
खामोश रातें भी अब मेरा हाल पूछने लगी हैं,
तेरी जुदाई का दर्द सब पर जाहिर होने लगा है। 💔🌙
कभी सोचा ना था इतनी तन्हाई होगी,
रात भी अब तो रुलाने लगी है। 🌌😭
चाँदनी रातों में भी अंधेरा महसूस होता है,
तेरी कमी अब और ज्यादा महसूस होती है। 😢💫
तन्हा रातें,
बस तेरी यादें साथ लाती हैं। 😞🌙
तन्हा दिल को बस रातें समझती हैं,
तेरी यादों के साए में उसे सुकून मिलता है। 💭🌙
रात का सन्नाटा और तेरी खामोशी,
दोनों मिलकर मेरी तन्हाई को गहरा बना देते हैं। 💔🌙
नींद को भी मेरी तन्हाई से डर लगता है,
इसलिए वो भी मुझसे दूर भाग जाती है। 💔🌙
हर रात बस तेरा नाम लिया करता हूँ,
तू ही मेरी दुआओं में शामिल रहता है। 💔🌙
रात की तन्हाई में अक्सर रो लेते हैं,
बीते लम्हों को याद कर दिल खो लेते हैं। 💔🌙
रातें गुज़रती हैं सिसकियों में,
तेरे बिना सब कुछ अधूरा सा लगता है। 😢🌃
रात की खामोशी में तेरी आवाज़ गूंजती है,
जैसे तू पास होकर भी मुझसे बहुत दूर है। 💔🌙
हर रात तेरी यादों की बारात लाती है,
दिल को फिर से तन्हा कर जाती है। 💔🌙
गहरी रातें और गहरे जख्म,
दोनों ही तकलीफ देते हैं। 💔🌑
नींद से अब कोई रिश्ता नहीं रहा,
तेरी यादों ने हमें हर रात जगाया है। 💔🌙
रात की तन्हाई में तेरी यादें जलती हैं,
जैसे चिराग में बाती जलती है। 😞🌙
तन्हाई में तेरी यादें और भी गहरी हो जाती हैं,
दिल की धड़कनें तेरे बिना थम जाती हैं। 😞🌙
रात की तन्हाई में तेरी आवाज़ सुनाई देती है,
तेरी बातें मेरे दिल को और भी बेचैन कर देती हैं। 💔🌙
चाँद से बातें अब नहीं होती,
तेरे बिना कोई ख्वाहिश बाकी नहीं रही। 💭🌕
रात की हवाओं में तेरी खुशबू महसूस होती है,
तेरी यादें मेरी सांसों में बस गई हैं। 💔🌙
तेरी यादें तकिये से बातें करती हैं,
रात भर मुझसे जुदाई की शिकायत करती हैं। 🌙💧
चाँदनी रात में भी अंधेरा लगता है,
जब दिल में तेरी याद का साया होता है। 🌕💔
रात की तन्हाई,
दिल को और उदास कर जाती है। 💔🌙
रात की खामोशी में तेरी तस्वीर को देखता हूँ,
तेरी आँखों में अपनी जिंदगी ढूंढता हूँ। 💔🌙
चाँद को देखूं तो तेरा अक्स नजर आता है,
ये रातें अब सिर्फ तेरा ही इंतजार कराती हैं। 😞💫
चाँदनी रात में,
तेरी यादों का साया है। 😢🌙
चाँद भी मेरी तन्हाई को समझता है,
हर रात मेरे साथ रोता है। 😢🌙
तन्हा रातों में दिल बेकरार रहता है,
तेरी यादों की आहट हर ओर रहती है। 😢💫
नींद से क्या शिकवा करूँ,
जब ख्वाबों में भी तू नहीं आता। 😔💭
जब से तू गया, मेरी रातों से उजाला भी चला गया,
अब तो हर लम्हा तेरी यादों में बीतता है। 😢💫
तन्हा रातों में जब नींद नहीं आती,
तेरी यादें दिल को और भी रुलाती हैं। 💔🌙
तन्हा रातों में बस आंसू बहते हैं,
दिल के जख्म अब और गहरे लगते हैं। 💔🌙
अब तो अंधेरा भी चुभने लगा है,
तेरी यादें हर रात दर्द देने लगी हैं। 💔🌑
चाँद भी मेरी उदासी देखकर छिप जाता है,
रातें अब पहले जैसी खूबसूरत नहीं लगतीं। 😢💫
तेरा नाम अब मेरी हर रात का हिस्सा बन गया है,
तेरी यादें अब मेरी धड़कनों में बस गई हैं। 😞💫
जबसे तू दूर हुआ,
रातों की खामोशी भी रुलाने लगी है। 💔🌃
चाँद भी उदास रहता है,
जब तेरी यादों में मेरा दिल तड़पता है। 😢💫
चाँद की चांदनी में तेरी सूरत दिखाई देती है,
तेरी यादों में मेरा दिल खो जाता है। 😞🌙
चुपचाप रातें मुझसे कहने लगी हैं,
तेरी तन्हाई का दर्द अब और बढ़ता जा रहा है। 😞💫
रातें गवाह हैं मेरी तन्हाइयों की,
जहां अश्क बहते हैं और कोई नहीं सुनता। 😞💔
रात की खामोशी में,
तेरी आवाज़ गूंजती है। 💔🌙
रात की तन्हाई में तेरी यादें साथ होती हैं,
दिल की बेचैनी और भी बढ़ जाती है। 💔🌙
तू पास नहीं, फिर भी बहुत पास है,
तेरी यादें ही अब मेरा सहारा हैं। 🖤🌌
सोने की कोशिश करते हैं हर रोज़,
पर तेरी यादें नींद से पहले आ जाती हैं। 😞🛌
नींद आए भी तो क्या फायदा,
ख्वाबों में भी तू साथ नहीं होता। 🌌😢
इन स्याह रातों में बस तुझसे बात होती है,
तेरे बिना अब कोई भी रात पूरी नहीं होती। 😢🌙
गहरी रातों में सन्नाटा ज्यादा चुभता है,
तेरी यादों का दर्द और भी बढ़ जाता है। 😢💫
रात का सन्नाटा और तेरी खामोशी,
दोनों मिलकर मेरी रूह को रुला देते हैं। 😞🌙
चुपचाप रो लेने दो इन रातों में,
क्योंकि दिन के उजाले में हँसना पड़ता है। 😢🌙
अब तो सितारों से भी सवाल करने लगा हूँ,
क्या कभी मेरी रातों का सन्नाटा टूटेगा? 💔🌙
जब सब सोते हैं,
मैं तेरी यादों में जागता हूँ। 😢🛏️
तन्हा रातों में तेरे बिना कुछ भी अच्छा नहीं लगता,
तेरी कमी में मेरा दिल रोता है। 😞🌙
रात की तन्हाई में दिल और रोता है,
तेरी यादें हर पल मेरे करीब होती हैं। 😢💫
तू नहीं है पर तेरी खुशबू हर रात आती है,
शायद रूह अब भी तुझसे जुड़ी है। 🌌😞
जब भी रात होती है, तेरा चेहरा सामने आ जाता है,
दिल फिर तुझे पुकारने लगता है। 💔🌙
तन्हाई में तेरी तस्वीर से बातें करता हूँ,
हर रात तेरी यादों में खो जाता हूँ। 💔🌙
किसी की यादों का चिराग जलता है,
मेरी हर तन्हा रात में। 😞💔
तन्हाई में तेरे बिना ये रातें अधूरी लगती हैं,
तेरी यादें हर पल मेरे दिल को तड़पाती हैं। 💔🌙
हर रात को तुझसे बात करने का मन करता है,
पर तू अब किसी और की बातों में खो गया है। 😞📱
रात की स्याही दिल को घेर लेती है,
तेरी यादें फिर से जख्म दे जाती हैं। 🌃😢
ना तू आया, ना तेरी यादें गईं,
हर रात बस दिल की बातों में तू ही तू रहा। 🌃💭
तन्हा रातें,
तेरे बिना अधूरी लगती हैं। 😞🌙
चाँद से पूछता हूँ, क्या उसे भी किसी की कमी खलती है,
वो मुस्कुराकर कहता है, ‘हां, मुझे भी।’ 💔🌙
तन्हा रातों में दिल कहता है,
काश तू मेरे पास होता। 💭🌙
हर रात बस आंसुओं का समंदर होता है,
दिल के जख्मों का कोई इलाज नहीं होता। 💔🌙
रात की खामोशी में तेरी तस्वीर से बातें करता हूँ,
तेरी यादों में हर रोज़ मरता हूँ। 💔🌙
तन्हाई में तेरी यादें जलती हैं,
जैसे दीपक में बाती जलती है। 😞🌙
तन्हा रातें मेरी मोहब्बत की कहानी कहती हैं,
जिसमें तू ही तू होता है, पर साथ नहीं होता। 😢📖
तेरी यादें अब दवा बन चुकी हैं,
जो हर रात मुझे तन्हाई में जीने देती हैं। 💔🌙
अंधेरी रातों में तेरी यादें चुपके से आ जाती हैं,
दिल के जख्म फिर से हरे कर जाती हैं। 😞💫
तन्हा रातों में दिल और बेचैन हो जाता है,
तेरी तस्वीर से बातें करने को मजबूर हो जाता है। 💔🌙
चाँद भी अब सवाल करने लगा है,
रातों को तुम क्यों जागते रहते हो? 😞💫
तन्हा रातों में मैं बस चुप रहता हूँ,
दिल की आवाज़ें सुनने की कोशिश करता हूँ। 😞🌙
चाँदनी रात में भी सुकून नहीं मिलता,
तेरी यादों का साया दिल से नहीं जाता। 🌕💔
रात की तन्हाई में,
आँसू भी चुपके से बह जाते हैं। 🌙💔
मेरी बेचैनी को देख चाँद भी चौंक जाता है,
हर रात तेरी यादों का सिलसिला चलता है। 😞💫
तन्हाई में तेरी आवाज़ सुनने को दिल तड़पता है,
मगर खामोशी ही मेरे हिस्से में आती है। 😢🌙
हर रात बिखर जाता हूँ तेरी याद में,
फिर खुद को समेटने में सुबह हो जाती है। 🌌💔
रात का सन्नाटा और तेरी खामोशी,
दोनों मिलकर मेरी रूह को रुला देते हैं। 💔🌙
आँसू भी अब आदत में शामिल हो गए हैं,
हर रात तेरा नाम लेते ही बह जाते हैं। 💧💔
अब तो नींद भी डरती है मुझसे,
क्योंकि उसे पता है तेरे बिना मैं सोता नहीं। 😢🌙
तन्हाई के आलम में ये दिल घबराता है,
तेरे बिना हर रात बोझिल हो जाता है। 💔🌃
चुपचाप ये रातें भी मुझसे सवाल करती हैं,
तेरे बिना जीना कैसे मुमकिन होगा? 💔🌙
मेरी तन्हा रातें अब चुप नहीं रहतीं,
हर लम्हा तुझे पुकारती रहती हैं। 💔🌙
खामोश रातें भी अब सवाल करने लगी हैं,
तेरे बिना ये जिंदगी अधूरी क्यों लगती है? 💔🌙
रातें गवाह हैं उन आंसुओं की,
जो तेरे नाम पर हर रोज़ बहते हैं। 💧💔
चुपचाप गुज़र जाती हैं तन्हा रातें,
मगर दिल के दर्द को और गहरा कर जाती हैं। 😢🌙
तू अब साथ नहीं है फिर भी,
हर रात तेरा इंतज़ार करता हूँ। 🌙💭
तन्हाई में तेरी बातों को याद करके मुस्कुराता हूँ,
मगर आँखों से आँसू खुद-ब-खुद बह जाते हैं। 💔🌙
तन्हा रातें और वीरान सा दिल,
अब मोहब्बत में यही मिला नसीब। 💔🌙
नींद से अब कोई नाता नहीं,
तेरी यादों ने हर रात मेरा साथ निभाया है। 💔🌙
चाँद भी अब बुझा-बुझा सा लगता है,
रातें अब तेरी यादों में सिमटने लगी हैं। 💔🌙
चाँदनी भी अब मेरा दर्द समझने लगी है,
तेरी यादों का असर हर चीज पर दिखने लगा है। 💔🌙
चाँद की चांदनी,
तेरी यादों में डूबा देती है। 😢🌙
रात के सन्नाटे में तेरी आवाज़ गूंजती है,
जो दिल को और भी बेचैन कर देती है। 🌃💭
हर रात चुपचाप तुझे याद कर लेता हूँ,
तेरी यादों के साए में ही सो जाता हूँ। 😞💫
हर रात तेरा नाम दिल में गूंजता है,
तेरी कमी हर लम्हा महसूस होती है। 😞💫
हर रात खामोशियों में सिसकते रहते हैं,
तेरी यादों से अब कैसे बच सकते हैं? 💔🌙
खामोश रातें भी अब दर्द दे जाती हैं,
तेरे बिना हर लम्हा भारी सा लगता है। 💔🌙
तेरे बिना ये चाँद भी अधूरा लगता है,
जैसे रातों में कुछ खो गया हो। 🌙💧
रात का सन्नाटा और तेरी खामोशी,
दोनों मिलकर मेरे दिल को चीर देते हैं। 💔🌙
तन्हा रातें और तेरा ख्याल,
दोनों बहुत दर्द देते हैं। 🌃💭
रात की तन्हाई बहुत रुला देती है,
तेरी यादें दिल में आग लगा देती हैं। 🌙💔
रात की खामोशी में,
बस तेरी यादें गूंजती हैं। 🌙💔
रात की तन्हाई,
बस तेरी यादें छोड़ जाती है। 💔🌙
तन्हाई में जब रात ढलती है,
तेरी यादें और गहरी हो जाती हैं। 😞💫
तन्हाई में तेरी हंसी को याद करता हूँ,
पर आँखों से आँसू खुद-ब-खुद बह जाते हैं। 😞🌙
अब तो अंधेरे भी अपने लगते हैं,
जब से तन्हा रातों से दोस्ती हुई है। 💔🌑
तन्हाई में रातें भी मेरी तरह उदास होती हैं,
जैसे वो भी तेरी जुदाई का दर्द समझती हों। 💔🌙
रातें भी अब बेवफा लगने लगी हैं,
जबसे तेरा साथ छूटा है। 💔🌑
चाँद की चांदनी में तेरा नाम लिखा नजर आता है,
तेरी यादें मेरी रूह को सुकून देती हैं। 😞🌙
रात का सन्नाटा,
तेरे बिना अधूरा सा लगता है। 💔🌙
निंदिया रुठी रहती है अब तो,
तेरे बिना हर लम्हा अधूरा लगता है। 🛏️😞
चाँदनी रात में तेरी बाहों का एहसास होता है,
तेरी कमी में मेरा दिल बेबस हो जाता है। 😞🌙
हर रात दर्द की चादर ओढ़ लेता हूँ,
तेरे बिना अब सुकून नहीं आता। 😔🛏️
रात के सन्नाटे में तेरी हंसी की गूंज सुनाई देती है,
तेरी यादों में मेरा दिल हर रोज़ टूटता है। 💔🌙
सितारे भी अब बुझते नजर आते हैं,
तेरी यादों ने मेरी नींदें छीन ली हैं। 💔🌙
जब भी रात होती है, दिल बेचैन होने लगता है,
तेरी यादों का तूफान फिर से उठने लगता है। 💔🌙
चाँद की चांदनी में तेरी मुस्कान दिखाई देती है,
तेरी यादें मेरे दिल को तड़पाती हैं। 😢🌙
तेरी यादें हर रात मुझे आवाज़ देती हैं,
मेरी तन्हाई बस तुझे महसूस करती रहती है। 💔🌙
तेरी यादों का सफर हर रात जारी रहता है,
दिल अब हर रात तुझसे मिलने की कोशिश करता है। 😢💫
अकेली रातें अब तो आदत बन गई हैं,
तेरी यादें हर रोज़ साथ चलती हैं। 😞🌙
रातों का सुकून अब लापता है,
तेरे बिना सब कुछ खाली सा लगता है। 🛏️😢
चाँद भी मेरी तन्हाई को समझता है,
इसलिए वो भी मुझसे नजरें चुरा लेता है। 😞🌙
रातों की तन्हाई में दिल उदास रहता है,
तेरी यादों का साया हर लम्हा मेरे पास रहता है। 💔🌙
चाँदनी भी बुझी-बुझी लगती है,
जब तू मेरे साथ नहीं होती। 😢💔
नींद भी नहीं आती,
तेरी यादों ने चैन छीन लिया है। 😢🌙
चाँद भी मुझसे अब नजरें चुराने लगा है,
शायद उसे भी मेरी तन्हाई से डर लगने लगा है। 😞💫
रातों का सन्नाटा और दिल की उदासी,
यही तोहफा दिया है मोहब्बत ने। 💔😢
हर रात बस तुझसे मिलने का ख्वाब आता है,
पर जागने के बाद सब अधूरा रह जाता है। 🛏️💭
गहरी रातों में सन्नाटे की आवाज़ सुनाई देती है,
दिल के जख्मों की टीस और बढ़ जाती है। 💔🌙
रात की गहराई में तेरा नाम लबों पर आता है,
तेरी यादों में मेरा दिल हर रोज़ जलता है। 💔🌙
रात की खामोशी में तेरी आवाज़ गूंजती है,
जैसे तू पास होकर भी मुझसे दूर है। 😢🌙
चाँद की रोशनी में तेरा अक्स नजर आता है,
तेरी यादों में मेरा दिल हर रात जलता है। 😢🌙
नींद भी नहीं आती,
तेरी यादों ने मुझे बेचैन कर दिया है। 😞🌙
तेरी जुदाई के बाद रातों से रिश्ता कुछ और हो गया,
अब ये सिर्फ तन्हाई का दर्द समेटे आती हैं। 💔🌙
रात की चुप्पी में तेरी यादें शोर मचाती हैं,
दिल को बेचैन कर जाती हैं, नींद को उड़ा ले जाती हैं। 😞🌙
रात की तन्हाई में जब चाँद भी सो जाता है,
तेरी यादों का काफिला मेरी ओर चला आता है। 💔🌙
जब भी रात आती है, दिल और भारी हो जाता है,
तेरी जुदाई का हर घाव और गहरा हो जाता है। 💔🌙
रात की चुप्पी और दिल का दर्द,
दोनों एक-दूसरे के साथी हैं। 😢💔
तेरी यादों का साया साथ रहता है,
हर रात दिल को बेइंतहा तड़पाता है। 🌙😭
रात की तन्हाई में तेरी यादें शोर मचाती हैं,
दिल को बेचैन कर जाती हैं, नींद को उड़ा ले जाती हैं। 💔🌙
नींद नहीं आती,
बस तेरी यादें सताती हैं। 😞🌙
रात की चुप्पी में,
तेरी यादें शोर मचाती हैं। 💔🌙
चाँद भी उदास है मेरी तन्हाई देखकर,
शायद उसे भी किसी ने छोड़ा होगा। 🌕💔
रातें लंबी हो जाती हैं तेरी यादों के साथ,
दिल रोता रहता है तन्हाई की बात। 💔🌙
अंधेरी रातों में जब तन्हा होता हूँ,
तेरी यादें हर कोने में मुझे घेर लेती हैं। 💔🌙
तन्हा रातों में हर साया तेरा लगता है,
तेरी कमी अब हर जगह महसूस होती है। 🌌😞
चाँद भी मेरी तन्हाई को समझता है,
इसलिए वो भी मुझसे नजरें चुरा लेता है। 😢🌙
हर रात जब आसमां में चाँद चमकता है,
दिल तुझसे मिलने की दुआ करता है। 😢💫
मेरी रातें अब पहले जैसी नहीं रही,
तेरी यादों ने हर लम्हा अधूरा कर दिया। 💔🌙
नींद अब मेरी आँखों से कोसों दूर रहती है,
तेरी यादें बस दिल में दस्तक देती हैं। 😞💫
दर्द से रिश्ता कुछ यूं बन गया है,
अब रातों में भी मुस्कुराना भूल गया हूँ। 😞🌃
रातों को जाग कर सिर्फ तुझे ही सोचा है,
तेरे बिना अब चैन कहाँ होता है। 💔🕯️
हर रात बस तेरी बातें दोहराता हूँ,
तेरी यादों के साथ ही सोने की कोशिश करता हूँ। 😢💫
रात की खामोशी में तेरी हंसी गूंजती है,
तेरी मुस्कान को याद कर आँखें नम हो जाती हैं। 😞🌙
रात की खामोशी,
तेरे बिना और भी गहरी लगती है। 💔🌙
चाँद की रोशनी में,
तेरा अक्स नजर आता है। 😢🌙
रात का सन्नाटा अब दोस्त बन गया है,
तेरी यादों से बातें कर-करके दिल थक गया है। 😞💫
जब भी चाँद को देखता हूँ,
तेरा चेहरा नजर आ जाता है। 😞💫
तेरी यादें अब आदत बन गई हैं,
हर रात आकर दिल को तड़पाती हैं। 💔🌌
हर रात मेरी तन्हाई और भी गहरी हो जाती है,
तेरी बेवफाई अब मेरी आदत बन गई है। 😢💫
हर रात तेरा नाम लेकर सोते हैं,
पर नींद फिर भी नहीं आती। 🌃💔
आसमान की ओर देख कर सोचते हैं,
क्या तू भी कहीं उसी चाँद के पास है? 🌕💭
रात की बातों में बस तेरा ज़िक्र होता है,
तेरे बिना हर लम्हा अधूरा लगता है। 🌙🖤
अब तो तन्हा रातें भी मुझ पर हंसने लगी हैं,
कहती हैं, तेरा दर्द अब तेरा हमसफ़र बन गया है। 😢💫
नींद तो कब की रूठ चुकी है,
अब तो सिर्फ तेरी यादें जागती हैं। 💤💔
रातें अब खाली खाली सी लगती हैं,
तेरे बिना सब अधूरा सा लगता है। 😢🌙
चाँद की रोशनी में तेरा अक्स नजर आता है,
तेरी यादों में मेरा दिल हर रात जलता है। 💔🌙
जब से तू दूर हुआ, मेरी रातें भी वीरान हो गईं,
अब तो सिर्फ तेरी यादों का सहारा बाकी है। 😢💫
चाँद भी मेरी तन्हाई का गवाह है,
जो हर रात मेरी तरह रोता है। 💔🌙
तेरे बिना अब कोई सपना अच्छा नहीं लगता,
हर रात बस तेरे ख्याल में बीतती है। 💭😢
हर रात तू बन जाता है मेरा ग़म,
और मैं उसे गले लगाकर सो जाता हूँ। 💔🛏️
हर रात आँखों में तेरी तस्वीर बसती है,
दिल तुझे देखे बिना चैन नहीं पाता। 💔🌙
रात की चुप्पी में,
तेरी यादें बहुत सताती हैं। 💔🌙
हर रात तेरा नाम दिल में उभर आता है,
तेरी यादों का साया फिर से मुझे सताने लगता है। 💔🌙
तन्हा रातों में तेरी तस्वीर से बातें करता हूँ,
तेरी यादें मेरे दिल को रुला जाती हैं। 💔🌙
जब भी तेरी याद आती है रात में,
दिल को और भी दर्द होता है। 😢🕯️
आँसू बिछ जाते हैं हर रात बिस्तर पर,
तेरी यादें तकिए में समा जाती हैं। 😭🛏️
हर रात दर्द से लिपटी रहती है,
तेरी यादें मुझे सोने नहीं देती हैं। 💔🌑
रात का सन्नाटा और तेरी यादें,
दोनों मिलकर मेरी तन्हाई को और गहरा बना देते हैं। 💔🌙
तेरी यादें मेरी हर रात का हिस्सा बन गई हैं,
अब तन्हाई से भी दोस्ती हो गई है। 😢💫
तन्हा रातें हैं, तन्हा ख्वाब हैं,
तेरे बिना सब अधूरे हिसाब हैं। 🌌💔
रातों की खामोशी अब अच्छी लगती है,
क्योंकि वो तेरे बिना भी साथ निभाती है। 😔🌌
तेरी यादों ने मेरी रातों को वीरान कर दिया,
अब तो बस अंधेरों से दोस्ती हो गई है। 😞💫
तन्हा रातों का दर्द बस मैं ही जानता हूँ,
क्योंकि तू नहीं है उसे बाँटने वाला। 💔🌙
तेरी यादें जब भी आती हैं रात में,
आँसू तकिए पर दस्तक दे जाते हैं। 💧💭
हर रात खुद से सवाल करता हूँ,
क्या तू भी मुझे उतना ही याद करता है? ❓🌌
मेरी रातें अब मुझसे रुसवा हो गई हैं,
तेरी जुदाई का दर्द अब मेरा मुकद्दर बन गया है। 😢💫
तेरा नाम अब मेरी तन्हा रातों का साथी बन गया है,
तेरी यादों के साये में ही अब सवेरा होता है। 😞💫
तेरी यादों में ये रातें भी जलती हैं,
जैसे चिराग में बाती जलती है। 😢🌙
अब तो मेरी रातें भी मुझसे सवाल करती हैं,
तेरे बिना जीना इतना मुश्किल क्यों होता है? 💔🌙
चाँद भी उदास है मेरी तरह,
शायद उसने भी खोया है कोई अपना। 😢🌕
जब से तू गया है, मेरी रातों से नींद भी चली गई,
अब तो बस तेरी यादें ही मेरी सहारा बन गईं। 😢💫
अंधेरी रातों में भी तेरा नाम रोशन होता है,
तेरी यादें अब मेरी रौशनी बन गई हैं। 💔🌙
मेरी उदासी देखकर चाँद भी चौंक जाता है,
रातें अब सिर्फ तेरा नाम दोहराती रहती हैं। 💔🌙
रात की तन्हाई में तेरा नाम लबों पर आता है,
तेरी यादें मेरी रूह को बेचैन कर जाती हैं। 💔🌙
रात की चुप्पी में सिसकते हैं हम,
तेरी यादों के साए में कटती हैं घड़ियां। 😞💫
सितारे गिनते-गिनते नींद कब आती है,
तेरी यादें चैन नहीं लेने देतीं। ⭐😔
हर रात तेरे नाम का दीपक जलता है,
जो सिर्फ आँसुओं से बुझता है। 🕯️😢
चाँद भी मेरी उदासी को पहचान गया है,
अब उसकी रोशनी भी फीकी पड़ने लगी है। 😞💫
तारों की रौशनी में भी अंधेरा सा लगता है,
रातें अब बस तेरी यादों का मंजर बनती हैं। 😢💫
इस चुपचाप रात में बस दिल की सदा है,
कहीं तू भी तन्हा तो नहीं मेरे जैसा। 💔🌙
मेरी रातें अब गवाह बन गई हैं,
तेरी बेवफाई का सबूत लिए बैठी हैं। 💔🌙
रात की तन्हाई,
तेरे बिना अधूरी सी लगती है। 💔🌙
चाँद भी मेरी हालत पर आंसू बहाता है,
रातों का सन्नाटा मुझे और सताता है। 💔🌙
नींद आती नहीं, बस करवटें बदलते हैं,
किसी की यादों में रात भर जलते हैं। 💔🔥
चाँद भी उदास है,
मेरे इश्क की कहानी सुनकर। 😢🌙
तन्हा रातों में,
तेरे बिना सुकून नहीं मिलता। 😞🌙
रातें कहती हैं सो जा,
लेकिन दिल कहता है – थोड़ा और तड़प ले। 💔🌃
तन्हा रातों में तेरी बातें याद आती हैं,
और आँखों से नींद चली जाती है। 😞💔
नींद को भी तेरी यादों ने,
मुझसे दूर कर दिया। 😞🌙
तन्हा रातों में तेरे बिना कुछ भी अच्छा नहीं लगता,
तेरी कमी में मेरा दिल रोता है। 💔🌙
चाँदनी रात में,
तेरी तस्वीर नजर आती है। 😢🌙
रात की तन्हाई में,
तेरे बिना कुछ भी अच्छा नहीं लगता। 💔🌙
हर रात तुझसे मिलने की उम्मीद में जागते हैं,
लेकिन ख्वाब भी अब साथ नहीं देते। 🌃😔
अब तो डर भी नहीं लगता रात से,
तेरी यादें उससे ज्यादा दर्द देती हैं। 💔😔
जब भी रात गहरी होती है,
तेरी यादें और भी ज्यादा तड़पाती हैं। 💔🌙
हर रात की चुप्पी कहती है कुछ,
तेरे बिना सब अधूरा सा लगता है। 🌙💬
आँसू खुद-ब-खुद बहते हैं रातों में,
तेरे बिना दिल तन्हा तन्हा रहता है। 😢🕯️
तन्हा रातों में तेरी तस्वीर को देखता हूँ,
तेरी मुस्कान को महसूस करके रो देता हूँ। 😢🌙
नींद आती नहीं अब रातों को,
तेरी तस्वीर आँखों से हटती नहीं। 😢🖼️
तन्हा रातों में तेरी हंसी की कमी खलती है,
जैसे मेरी दुनिया अधूरी हो गई हो। 💔🌙
चाँद की चांदनी में तेरा चेहरा नजर आता है,
तेरी यादें मेरी नींदें उड़ा ले जाती हैं। 😞🌙
चुपचाप अंधेरों से अब बातें करने लगा हूँ,
तेरी यादों की दुनिया में हर रात खो जाता हूँ। 😞💫
तेरी बातें याद आती हैं हर रात,
दिल करता है सब छोड़कर बस तुझे याद करूँ। 🗣️💭
चाँद से कहो कि मेरी तन्हाई लौटा दे,
उसकी रोशनी अब अच्छी नहीं लगती। 😞🌙
नींद मेरी आँखों से दूर भाग जाती है,
तेरी यादें हर रात मुझसे मिलकर चली जाती हैं। 😢🌙
गहरी रातों में बस एक ही सवाल उठता है,
तेरी यादों से कब आज़ाद हो पाऊँगा? 😞💫
रात का अंधेरा और तेरी यादें,
दोनों मिलकर मेरी नींद उड़ा ले जाते हैं। 😢🌙
तेरे बिना हर रात बेमतलब सी लगती है,
ना ख्वाब अच्छे, ना नींद प्यारी लगती है। 💤😞
अब तो रातें भी मेरी तन्हाई से डरती हैं,
तेरे बिना सब अधूरा सा लगता है। 😞💫
रात का सन्नाटा भी मुझसे पूछता है,
तेरी आँखों में अब वो प्यार क्यों नहीं दिखता? 😞💫
इन अंधेरी रातों में दिल और भी टूट जाता है,
जब कोई अपना दूर हो जाता है। 💔🌙
बस रातों को ही जीते हैं अब,
क्योंकि दिन तो यादों का हिसाब माँगता है। 🌙📆
तेरी यादों का कोई मौसम नहीं होता,
ये तो हर रात बारिश बनकर आती हैं। 🌧️💭
तेरे बिना ये रातें वीरान लगती हैं,
तेरी यादें ही अब मेरा सहारा हैं। 💭🌃
चाँदनी रात में तेरा नाम लबों पर आता है,
तेरी यादों में मेरा दिल तड़प जाता है। 💔🌙
चाँद की चांदनी में तेरा चेहरा नजर आता है,
तेरी यादें मेरी नींदें उड़ा ले जाती हैं। 💔🌙
तन्हाई में तेरी तस्वीर से बातें करता हूँ,
तेरी यादें मेरे दिल को रुला जाती हैं। 😢🌙
हर रात एक किस्सा बन जाता है,
तेरे बिन दिल बहुत तड़पता है। 💔📖
चाँद की चांदनी भी अधूरी लगती है,
जब तेरे बिना ये रातें कटती हैं। 😢🌙
चाँदनी भी अब फीकी लगती है,
जब से तुम मुझसे दूर हो गए। 💔🌙
हर रात तेरी यादें नया जख्म दे जाती हैं,
दिल की हालत अब किसी से कही नहीं जाती। 💔🌙
रातें अब दर्द का गीत गाती हैं,
तेरी जुदाई की सजा मुझे हर रात मिलती है। 😢💫
चुपचाप ये रातें मुझसे सवाल कर बैठती हैं,
तेरी यादों का सिलसिला आखिर कब खत्म होगा? 😢💫
तन्हाई में जब रात ढलती है,
तेरी यादें और भी गहरी होती हैं। 😢💫
चाँद से पूछो मेरी बेचैनी का सबब,
रातें अब बस आंसुओं में डूबी रहती हैं। 😞💫
तेरी बेरुख़ी ने रातों को बेगाना कर दिया,
अब तो चाँद भी अपना नहीं लगता। 💔🌕
तन्हा रातों में तेरे बिना कुछ भी अच्छा नहीं लगता,
जैसे मेरी दुनिया ही अधूरी हो गई हो। 💔🌙
तेरे बिना अब तन्हाई नहीं डराती,
क्योंकि हर रात वो मेरा हाल जानती है। 🌙💔
तेरे बिना रातें ना सुकून देती हैं,
ना ख्वाब, ना तसल्ली की बात होती है। 💔🌙
रात के अंधेरे में आंसू भी चुपके से गिर जाते हैं,
तेरी यादों की राह में अब कोई रोशनी नहीं बची। 💔🌙
तन्हाई में तेरी हंसी को याद करता हूँ,
पर आँखों से आँसू खुद-ब-खुद बह जाते हैं। 💔🌙
नींद भी रोठ गई,
तेरी यादों के कारण। 😞🌙
चाँद की रोशनी में तेरी परछाई दिखाई देती है,
तेरी यादों में मेरा दिल खो जाता है। 😞🌙
रात की तन्हाई में,
दिल रोने को मजबूर हो जाता है। 💔🌙
अब तो आँखें भी भर आई हैं,
हर रात तेरा नाम लेकर रोई हैं। 😭🌃
रात की खामोशी में तेरी आवाज़ गूंजती है,
जैसे तू पास होकर भी मुझसे दूर है। 💔🌙
तेरे जाने के बाद रातें दोस्त बन गई हैं,
हर रात तेरी यादों से बात करती हैं। 🌌💭
रात का सन्नाटा,
दिल की तड़प को बढ़ा देता है। 💔🌙
तन्हाई में तेरी तस्वीर को छूने की कोशिश करता हूँ,
मगर वो कागज पर सजी सिर्फ एक याद बनकर रह जाती है। 😢🌙
रात के सन्नाटे में,
तेरी यादें तड़पाती हैं। 💔🌙
तेरी यादें अब मेरी रातों का अंधेरा बन गई हैं,
इनसे निकलने की कोई राह नहीं दिखती। 💔🌙
रात की खामोशी में तेरी आवाज़ सुनाई देती है,
जैसे तू पास होकर भी मुझसे दूर है। 😢🌙
रातें कहती हैं अब मत रो,
पर ये दिल कब किसी की सुनता है। 🌙😔
रात की तन्हाई में तेरा नाम लबों पर आता है,
तेरी कमी में मेरा दिल बेजान हो जाता है। 💔🌙
रातों का साया अब डराने लगा है,
तेरी बेरुखी का दर्द और सताने लगा है। 💔🌙
रात की खामोशी,
तेरी यादों का शोर बन जाती है। 💔🌙
रात की गहराइयों में तेरा ख्याल आता है,
तेरी यादें अब मेरी साँसों में बस चुकी हैं। 💔🌙
तन्हा रातों में तेरी तस्वीर से बातें करता हूँ,
तेरी यादों में हर रोज़ मरता हूँ। 💔🌙
करवटें बदल-बदल कर रात गुज़र जाती है,
मगर नींद मेरी आँखों तक नहीं आती। 😞💔
तन्हा रातों में दिल बेचैन रहता है,
तेरी यादों का साया हर ओर रहता है। 💔🌙
रात की तन्हाई में तेरी यादें शोर मचाती हैं,
दिल को बेचैन कर जाती हैं, नींद को उड़ा ले जाती हैं। 😢🌙
तन्हाई में तेरी यादें जलती हैं,
जैसे दीपक में बाती जलती है। 💔🌙